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TSP

2022

आदिवासी महिला किसानों को मशरूम उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण

आदिवासी किसानों को समाज समाज की मुख्य धारा से जोड़ने और स्वारोजगार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय जैविक स्टैस प्रबंधन संस्थान, बरौंडा, रायपुर व कृषि विज्ञान केन्द्र, महासमुंद के सहयोग से दिनॉक 14 मार्च से 16 मार्च को मषरूम उत्पादन तकनीक पर प्रषिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें बसना, जिला महासमुंद के पंद्रह आदिवासी महिला किसानों नेे मषरूम उत्पादन की विधि का मंत्र सीखा जिससे उनके जीवकोपार्जन के लिए आमदनी बढ सकें। मषरूम उत्पादन तकनीक प्रषिक्षण के सूत्रधार आईसीएआर - राष्ट्रीय जैविक स्टैªस प्रबंधन संस्थान, बरौंडा, रायपुर के निदेषक एवं कुलपति डॉ. पी. के. घोष थे। डॉ. सुषील कुमार शर्मा समन्वयक एवं डॉ. ममता चौधरी नोडल अधिकारी, द्वारा जनजातीय उप-योजना का संचालित किया जा रहा है। डॉ. हूमायु खान, डॉ.एस.के.वर्मा एवं अन्य विषेषज्ञों द्वारा मषरूम के उत्पादन की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी एवं उसमें पाये जाने वाले पोषक तत्वों व उनके औषधीय गुणों के बारे में भी बताया गया। महिला किसानों ने अपने हाथों से मषरूम उत्पादन तकनीक सीखा। डॉ. ममता चौधरी द्वारा मषरूम के परिरक्षण एवं मषरूम उत्पादन द्वारा महिला सषक्तिकरण पर जानकारी दी गयी। डॉ. घोष ने बताया कि आदिवासी किसानों के लिए केन्द्रीय शासन फंड प्रदान करती है जिसके अंर्तगत संस्थान आईसीएआर - राष्ट्रीय जैविक स्टैªस प्रबंधन संस्थान, बरौंडा, रायपुर हितग्राही किसानों और उनके परिवार के जीवकोपार्जन के लिए कृषि से संबंधित लघु व्यवसाय स्थापित करने में सहायता कर रहा है। मषरूम उत्पादन द्वारा आदिवासी महिला किसानों को स्वालंबित बनाया जा सकता है। इसी उद्देष्य से भारत सरकार की जनजातीय उपयोजना के तहत संस्थान द्वारा स्वारोजगार संबंधित प्रषिक्षण एवं एक वर्ष का मषरूम उत्पादन सामग्री वितरण किया गया। जिससे पूंजीहीन गरीब किसान अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं एवं अपनी जीविका सुचारू रूप से चला सकते हैं। संस्थान इस पहल से आदिवासी किसानों की उन्नति व विकास के लिए प्रोत्साहित कर रहा है जो कि उन्हंे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसित करेगा।


2019-2020

ICAR-NIBSM, Raipur had initiated its maiden activities under TSP component during 2019-20. The fund allocated under Tribal Sub Plan (TSP) was Rs. 51, 27 Lakh during Financial year, 2019-20. For implementation of TSP activities two districts viz., Jashpur (Sub division- Jashpur, Kunkuri, Bagicha and Pathalgaon) and Raigarh (Sub division- Tamnar) were selected in collaboration with IGKV, Raipur KVKs, Jashpur and Raigarh they were also given responsibility of beneficiary selection and distribution to these aspirational tribal districts. The following activities viz., distribution of piglets (810 units) chicks (20000 units),goats (187 units) and horticulture plants (Papaya 2000 plants, guava 2000 plants, lemon 500 plants and turmeric 2500 kg) were undertaken for livelihood improvement of tribal farmers (560 farm families) at Jashpur and Raigarh districts of Chhattisgarh.

Monday, 03:20:26 AM, 15 August 2022

  • Last Modified: Thursday 04 August 2022.

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